रीजनरेटिव मेडिसिन, वैज्ञानिक अनुसंधान और लॉन्गेविटी साइंस में डॉ. प्रभु मिश्रा की ऐतिहासिक उपलब्धि

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नई दिल्ली, जनवरी 26: रीजनरेटिव मेडिसिन, स्टेम सेल रिसर्च और लॉन्गेविटी साइंस के क्षेत्र में भारत को वैश्विक पहचान दिलाने वाले प्रख्यात वैज्ञानिक, शोधकर्ता एवं शिक्षाविद् Dr. Prabhu Mishra ने एक बार फिर देश को गौरवान्वित किया। Entrepreneurs Forum of India के प्रतिष्ठित मंच पर उनकी बहुप्रतीक्षित पुस्तक “BIOREBOOT: How to Hack Your Age” का भव्य विमोचन किया गया। इसी अवसर पर उन्हें वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में उनके असाधारण और प्रभावशाली योगदान के लिए विशेष सम्मान से भी नवाज़ा गया।

यह सम्मान उन्हें प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री Sheeba Agarwal द्वारा प्रदान किया गया। अभिनेत्री शीबा अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रभु मिश्रा का कार्य आधुनिक विज्ञान, लॉन्गेविटी और मानव स्वास्थ्य को लेकर समाज की सोच को नई दिशा देता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

प्रभु मिश्रा स्टेम सेल एवं रीजनरेटिव मेडिसिन, फर्टिलिटी मैनेजमेंट और लॉन्गेविटी साइंस के क्षेत्र में वैज्ञानिक, प्रमाण-आधारित और नैतिक अनुप्रयोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाने जाते हैं। उनका कार्य केवल रोग प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनकाल (Healthspan) बढ़ाने, उम्र से जुड़ी जैविक प्रक्रियाओं को समझने और भविष्य-केंद्रित हेल्थ सॉल्यूशंस विकसित करने पर केंद्रित है।

उनकी पुस्तक “BIOREBOOT: How to Hack Your Age” आधुनिक एजिंग साइंस, बायोलॉजी, स्टेम सेल रिसर्च और जीवनशैली से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांतों का समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक बताती है कि किस प्रकार वैज्ञानिक समझ और प्रमाण-आधारित प्रोटोकॉल के माध्यम से उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से मैनेज किया जा सकता है। यह कृति शोधकर्ताओं, वैज्ञानिक समुदाय, उद्यमियों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक आम पाठकों के बीच विशेष रूप से सराही जा रही है।

A Historic Achievement by Dr. Prabhu Mishra in Regenerative Medicine, Scientific Research, and Longevity Science-PNN

इस अवसर पर प्रभु मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान और पुस्तक विमोचन उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा—

“मेरा उद्देश्य हमेशा यही रहा है कि रीजनरेटिव मेडिसिन और लॉन्गेविटी साइंस को प्रयोगशालाओं से बाहर निकालकर समाज के व्यापक स्तर तक पहुँचाया जाए, ताकि विज्ञान वास्तविक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सके।”

उन्होंने आगे बताया कि उनका कार्य अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार के माध्यम से एक ऐसे इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में है, जहाँ भारत सुरक्षित, नैतिक और प्रभावशाली रीजनरेटिव एवं लॉन्गेविटी साइंस का वैश्विक केंद्र बन सके।

Entrepreneurs Forum of India के मंच पर पुस्तक विमोचन और सम्मान समारोह—दोनों ही—प्रभु मिश्रा की उस निरंतर यात्रा को रेखांकित करते हैं, जिसमें विज्ञान, नवाचार और मानव कल्याण एक साथ आगे बढ़ते दिखाई देते हैं।